मोदी-शाह से 3 हजार रुपए के वादे की मांग
कोलकाता। बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही भत्ता राजनीति का मुकाबला करने के लिए बंगाल भाजपा ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। ममता बनर्जी सरकार द्वारा लक्खी भंडार योजना की राशि बढ़ाए जाने के बाद, अब प्रदेश भाजपा नेतृत्व का एक प्रभावशाली खेमा चाहता है कि महिलाओं को 3,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता देने की घोषणा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर से की जाए।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक में यह स्पष्ट किया है कि तृणमूल कांग्रेस की कल्याणकारी योजनाओं का मुकाबला करने के लिए केवल स्थानीय नेताओं के वादे पर्याप्त नहीं होंगे। हालांकि, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पहले ही सार्वजनिक मंचों से यह दावा कर चुके हैं कि 2026 में भाजपा की सत्ता आने पर महिलाओं को 3,000 रुपये दिए जाएंगे, लेकिन अब पार्टी इस वादे को मोदी की गारंटी के रूप में पेश करना चाहती है। पार्टी के भीतर यह विमर्श चल रहा है कि क्या शुभेंदु अधिकारी या अन्य प्रदेश स्तरीय नेताओं का आश्वासन ग्रामीण बंगाल की महिला मतदाताओं के बीच पर्याप्त भरोसा जगा पा रहा है।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, 3,000 रुपये का वादा एक बड़ा संकल्प है, जिसे घोषणा पत्र में तो शामिल किया ही जाएगा, लेकिन यदि इसे प्रधानमंत्री स्वयं चुनावी रैलियों में दोहराते हैं, तो इसकी विश्वसनीयता और राजनीतिक प्रभाव कई गुना बढ़ जाएगा। आम जनता घोषणा पत्र के बजाय शीर्ष नेतृत्व के शब्दों पर अधिक भरोसा करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की लक्खी भंडार योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सत्तारूढ़ दल का एक मजबूत आधार रही है। इसकी काट के लिए भाजपा अब भारी-भरकम राशि और भारी-भरकम व्यक्तित्व का सहारा लेना चाहती है। शुभेंदु अधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि 3,000 रुपये से अधिक दिया जा सकता है, लेकिन इससे कम नहीं। अब गेंद केंद्र के पाले में है कि क्या शीर्ष नेतृत्व इस वित्तीय वादे को अपनी चुनावी जनसभाओं का मुख्य बिंदु बनाएगा।